दोस्तो, यह अध्याय हरियाणा के सबसे प्राचीन इतिहास की कहानी है — सिंधु घाटी सभ्यता (राखीगढ़ी जैसे स्थल) से लेकर वैदिक काल, हर्षवर्धन का राज, तराइन की लड़ाइयाँ, और दिल्ली सल्तनत के दौर तक।
HSSC CET ग्रुप D में इस अध्याय से हर बार 2–4 प्रश्न आते हैं — ज़्यादातर सीधे तथ्य: कौन-सा स्थल किस ज़िले में है, किसने क्या लिखा, कौन-सी लड़ाई कब हुई।
टेंशन मत लो — सब कुछ छोटे-छोटे पॉइंट्स, तालिकाओं और ट्रिक्स के साथ समझाया गया है। बस ध्यान से पढ़ो और अंत में क्विज़ खेलो! 💪
1. 'हरियाणा' नाम कहाँ से आया?
- सबसे लोकप्रिय मत: हरि (भगवान विष्णु/कृष्ण) + अयन (घर/निवास) = "हरि का घर"। महाभारत और गीता का उपदेश यहीं हुआ था, इसलिए यह नाम सटीक बैठता है।
- दूसरा मत: हरित अरण्य = "हरा-भरा जंगल" (green forest)। प्राचीन समय में यह क्षेत्र घने जंगलों से भरा था।
- पालम बावली अभिलेख (1276 ई.) में इस क्षेत्र को "हरियाणक" लिखा गया है — यह नाम का सबसे प्राचीन लिखित प्रमाण माना जाता है।
- सुल्तानपुर अभिलेख (1328 ई.) (दिल्ली संग्रहालय) में हरियाणा को "धरती का स्वर्ग" (heaven on earth) कहा गया है। यह पंक्ति परीक्षा में आ चुकी है!
2. सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) के स्थल
हरियाणा हड़प्पा सभ्यता का बड़ा केंद्र था। सबसे महत्वपूर्ण स्थल ज़िले के साथ याद कर लो, क्योंकि परीक्षा में "कौन-सा स्थल किस ज़िले में" ही सबसे ज़्यादा पूछा जाता है:
| स्थल | ज़िला | ख़ास बात (मुख्य बिंदु) |
|---|---|---|
| राखीगढ़ी | हिसार | भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल (लगभग 350 हेक्टेयर)। यहाँ DNA अध्ययन भी हुए। खुदाई: अमरेंद्र नाथ (ASI), बाद में प्रो. वसंत शिंदे। |
| बनावली | फ़तेहाबाद | खुदाई आर.एस. बिष्ट ने की। यहाँ से मिट्टी का खिलौना हल (terracotta plough) मिला — बहुत प्रसिद्ध बिंदु! |
| कुनाल | फ़तेहाबाद | पूर्व-हड़प्पा स्थल। यहाँ से चाँदी का मुकुट (silver crown) मिला। |
| भिरड़ाना | फ़तेहाबाद | भारत की सबसे प्राचीन हड़प्पाकालीन बस्तियों में गिना जाता है। |
| मिताथल | भिवानी | खुदाई सूरज भान ने की। ताँबे की वस्तुएँ मिलीं। |
| सीसवाल | हिसार | पूर्व-हड़प्पा संस्कृति — इसे "सीसवाल संस्कृति" नाम दिया गया। |
| बालू | कैथल | हड़प्पा स्थल — अनाज (grains) के प्रमाण मिले। |
| फरमाना | रोहतक | बड़ा हड़प्पा क़ब्रिस्तान (burial site) मिला। |
3. वैदिक काल — सरस्वती की धरती
- हरियाणा सरस्वती और दृषद्वती नदियों के बीच बसा था। इस पवित्र क्षेत्र को मनुस्मृति में "ब्रह्मावर्त" कहा गया है।
- माना जाता है कि ऋग्वेद जैसे ग्रंथों की रचना इसी सरस्वती पट्टी में हुई — इसीलिए हरियाणा को "वैदिक सभ्यता का जन्मस्थल" भी कहते हैं।
- कुरुक्षेत्र — यहाँ महाभारत का युद्ध (18 दिन) हुआ। भगवान कृष्ण ने गीता का उपदेश ज्योतिसर (कुरुक्षेत्र) में दिया।
- कुरुक्षेत्र को "धर्मक्षेत्र" भी कहा जाता है। यह नाम गीता के पहले श्लोक में आता है — "धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे..."
- राजा कुरु के नाम पर कुरुक्षेत्र नाम पड़ा। कुरु वंश की राजधानी असंदीवत (आज का असंध, करनाल) मानी जाती है।
4. महाजनपद, मौर्य और बाद का दौर
- 16 महाजनपदों में से कुरु महाजनपद हरियाणा–दिल्ली क्षेत्र में था। इसकी राजधानी इंद्रप्रस्थ थी।
- अग्रोहा (हिसार) — महाराजा अग्रसेन की नगरी। अग्रवाल समाज इन्हें अपना पूर्वज मानता है। अग्रोहा में प्राचीन व्यापारिक नगरी के अवशेष मिले हैं।
- सुघ / स्रुघ्न (यमुनानगर) — प्राचीन काल का बड़ा शिक्षा केंद्र (education centre)। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने इसका ज़िक्र किया।
- मौर्य सम्राट अशोक ने टोपरा (यमुनानगर) में अपना स्तंभ (pillar) लगवाया था। बाद में फ़िरोज़ शाह तुगलक इसे 1356 के आस-पास दिल्ली (फ़िरोज़ शाह कोटला) ले गया। यह प्रश्न बहुत बार आया है!
- अशोक काल का बौद्ध स्तूप चनेटी (यमुनानगर) में है।
- यौधेय गणराज्य — एक वीर गणराज्य जो हरियाणा क्षेत्र में राज करता था। इनके सिक्के रोहतक के खोखराकोट से मिले हैं। रोहतक को प्राचीन समय में "बहुधान्यक" (बहुत अनाज वाली धरती) कहा जाता था।
5. वर्धन वंश और हर्षवर्धन (थानेसर)
- पुष्यभूति (वर्धन) वंश की राजधानी थानेसर (प्राचीन नाम स्थाण्वीश्वर, कुरुक्षेत्र ज़िला) थी। वंश का संस्थापक पुष्यभूति माना जाता है।
- प्रभाकरवर्धन इस वंश का पहला प्रतापी राजा था। उसके पुत्र: राज्यवर्धन और हर्षवर्धन।
- हर्षवर्धन 606 ई. में गद्दी पर बैठा — इसी वर्ष से "हर्ष संवत" शुरू हुआ। वह उत्तर भारत का अंतिम बड़ा हिंदू सम्राट माना जाता है।
- हर्ष ने बाद में अपनी राजधानी थानेसर से कन्नौज स्थानांतरित कर ली।
- हर्ष के दरबारी कवि बाणभट्ट ने "हर्षचरित" (हर्ष की जीवनी) और "कादंबरी" लिखी। हर्ष स्वयं भी लेखक था — उसने नागानंद, रत्नावली, प्रियदर्शिका नाटक लिखे।
- चीनी यात्री ह्वेनसांग (श्वैनज़ांग) हर्ष के समय भारत आया और थानेसर का वर्णन किया।
6. तोमर, चौहान और तराइन की लड़ाइयाँ
- वर्धन वंश के बाद हरियाणा क्षेत्र पर तोमर वंश का नियंत्रण आया। तोमर राजा अनंगपाल ने ढिल्लिका (दिल्ली) बसाई।
- 12वीं शताब्दी में चौहान शक्तिशाली हुए — पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने दिल्ली–हरियाणा क्षेत्र पर राज किया।
- तराइन का पहला युद्ध (1191 ई.) — पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद ग़ोरी को हराया। तराइन/तरावड़ी करनाल ज़िले में है।
- तराइन का दूसरा युद्ध (1192 ई.) — मुहम्मद ग़ोरी जीता, पृथ्वीराज चौहान हारा। इसके बाद उत्तर भारत में मुस्लिम शासन का रास्ता खुला।
- पृथ्वीराज के दरबारी कवि चंद बरदाई ने "पृथ्वीराज रासो" लिखी।
7. दिल्ली सल्तनत का दौर (1206–1526)
- 1206 से हरियाणा दिल्ली सल्तनत के अधीन आ गया (ग़ुलाम वंश से लोदी वंश तक)।
- रज़िया सुल्तान (पहली महिला शासक) की मृत्यु 1240 ई. में कैथल के पास हुई। उसका मक़बरा (tomb) कैथल में माना जाता है। यह बहुत सामान्य प्रश्न है!
- फ़िरोज़ शाह तुगलक हरियाणा के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुल्तान:
- 1354 ई. में हिसार-ए-फ़िरोज़ा (आज का हिसार) नगर बसाया।
- फ़तेहाबाद नगर बसाया — अपने पुत्र फ़तेह ख़ान के नाम पर।
- नहरें (canals) बनवाईं और टोपरा का अशोक स्तंभ दिल्ली ले गया।
- तैमूर का आक्रमण (1398 ई.) — तैमूर ने हरियाणा के सिरसा, फ़तेहाबाद, कैथल जैसे इलाक़ों में भारी लूट-मार की।
- सल्तनत का अंतिम वंश लोदी वंश था — अंतिम सुल्तान इब्राहीम लोदी, जो 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में बाबर से हारा। (पूरी कहानी अध्याय 2 में!)
8. शहरों के पुराने नाम — हॉट टॉपिक! 🔥
| आज का नाम | पुराना नाम |
|---|---|
| कुरुक्षेत्र | धर्मक्षेत्र / ब्रह्मक्षेत्र |
| थानेसर | स्थाण्वीश्वर |
| पानीपत | पांडुप्रस्थ (पानप्रस्थ) |
| सोनीपत | स्वर्णप्रस्थ (सोनप्रस्थ) |
| रोहतक | रोहितकगढ़ / बहुधान्यक |
| हांसी | असिगढ़ |
| जींद | जयंतपुरी |
| सफ़ीदों | सर्पदमन |
| हिसार | हिसार-ए-फ़िरोज़ा |
| महेन्द्रगढ़ | कनौड़ |
| गुरुग्राम | गुरु द्रोणाचार्य का गाँव (गुरु-ग्राम) |
| तथ्य / प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल (भारत) | राखीगढ़ी (हिसार) |
| बनावली का उत्खननकर्ता | आर.एस. बिष्ट (फ़तेहाबाद ज़िला) |
| मिताथल का उत्खननकर्ता | सूरज भान (भिवानी ज़िला) |
| मनुस्मृति में क्षेत्र का नाम | ब्रह्मावर्त |
| महाभारत युद्ध के दिन | 18 दिन, कुरुक्षेत्र |
| गीता उपदेश स्थल | ज्योतिसर (कुरुक्षेत्र) |
| "हरियाणक" का सबसे प्राचीन लिखित प्रमाण | पालम बावली अभिलेख, 1276 ई. |
| वर्धन वंश की राजधानी | थानेसर (स्थाण्वीश्वर) |
| हर्ष का राज्याभिषेक | 606 ई. (हर्ष संवत) |
| बाणभट्ट की रचनाएँ | हर्षचरित, कादंबरी |
| हर्ष के नाटक | नागानंद, रत्नावली, प्रियदर्शिका |
| तराइन प्रथम युद्ध | 1191 — पृथ्वीराज जीता |
| तराइन द्वितीय युद्ध | 1192 — ग़ोरी जीता |
| रज़िया सुल्तान की मृत्यु | 1240 ई., कैथल |
| हिसार-ए-फ़िरोज़ा की स्थापना | 1354 ई., फ़िरोज़ शाह तुगलक |
| तैमूर का आक्रमण | 1398 ई. |
| अशोक स्तंभ (टोपरा) किस ज़िले में था | यमुनानगर |
| यौधेय सिक्कों का स्थान | खोखराकोट (रोहतक) |
फ़तेहाबाद की BKB
Banawali (बनावली) + Kunal (कुनाल) + Bhirrana (भिरड़ाना) = तीनों फ़तेहाबाद में!
बाक़ी: राखीगढ़ी और सीसवाल = हिसार | मिताथल = भिवानी | बालू = कैथल | फरमाना = रोहतक
पहली P, दूसरी G
1191 में Prithviraj (पृथ्वीराज) जीता, 1192 में Ghori (ग़ोरी) जीता। सोचो — "पहले पृथ्वीराज, फिर ग़ोरी का बदला"!
HFC-Pillar
Hisar (हिसार) बसाया (1354) + Fatehabad (फ़तेहाबाद) बसाया + Canals (नहरें) बनवाईं + टोपरा Pillar (स्तंभ) दिल्ली ले गया।
बाण ने HK लिखा
बाणभट्ट = Harshacharita (हर्षचरित) + Kadambari (कादंबरी)। हर्ष के अपने 3 नाटक = NRP (Nagananda नागानंद, Ratnavali रत्नावली, Priyadarshika प्रियदर्शिका)।
प्र1. भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल राखीगढ़ी हरियाणा के किस ज़िले में स्थित है?
प्र2. आर.एस. बिष्ट द्वारा उत्खनित हड़प्पा स्थल बनावली किस ज़िले में है?
प्र3. मनुस्मृति में सरस्वती और दृषद्वती नदियों के बीच के क्षेत्र को क्या कहा गया है?
प्र4. भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में किस स्थान पर भगवद्गीता का उपदेश दिया?
प्र5. राजा हर्षवर्धन थानेसर की गद्दी पर किस वर्ष बैठा?
प्र6. राजा हर्षवर्धन की जीवनी "हर्षचरित" किसने लिखी?
प्र7. तराइन का पहला युद्ध (1191 ई.) मुहम्मद ग़ोरी और किसके बीच लड़ा गया?
प्र8. 1191 और 1192 की प्रसिद्ध लड़ाइयों का युद्धस्थल तराइन (तरावड़ी) किस ज़िले में है?
प्र9. दिल्ली की पहली महिला शासक रज़िया सुल्तान 1240 ई. में हरियाणा के किस स्थान के पास मारी गई?
प्र10. हिसार नगर (हिसार-ए-फ़िरोज़ा) की स्थापना 1354 ई. में किसने की?
प्र11. फ़िरोज़ शाह तुगलक द्वारा दिल्ली स्थानांतरित किया गया अशोक स्तंभ मूलतः टोपरा में था, जो वर्तमान किस ज़िले में है?
प्र12. यौधेय गणराज्य के सिक्के खोखराकोट से मिले, जो किस ज़िले में स्थित है?
प्र13. हांसी नगर का पुराना नाम क्या था?
हरियाणा का इतिहास हड़प्पा सभ्यता से शुरू होता है — राखीगढ़ी (हिसार) भारत का सबसे बड़ा स्थल है, और बनावली, कुनाल, भिरड़ाना (फ़तेहाबाद) भी शीर्ष स्थल हैं।
वैदिक काल में यह क्षेत्र ब्रह्मावर्त कहलाया; कुरुक्षेत्र में महाभारत युद्ध हुआ और ज्योतिसर में गीता का उपदेश मिला।
हर्षवर्धन (606 ई.) ने थानेसर से राज किया — उसके कवि बाणभट्ट ने हर्षचरित लिखी।
तराइन (करनाल) में 1191 में पृथ्वीराज जीता, 1192 में ग़ोरी — इसके बाद दिल्ली सल्तनत आई।
सल्तनत काल में रज़िया सुल्तान कैथल में मारी गई (1240), फ़िरोज़ शाह तुगलक ने हिसार (1354) और फ़तेहाबाद बसाए, और तैमूर ने 1398 में हमला किया।
1526 में इब्राहीम लोदी के साथ सल्तनत का अंत हुआ — वहीं से अध्याय 2 (पानीपत) शुरू होता है! 🚀